
“मिठाई” खरीदते समय एक “महत्वपूर्ण” बात का ध्यान रखें,
जो “99%” लोग नहीं जानते, दरअसल होता यह है कि मिठाई के साथ जो “डिब्बा” (पैकेजिंग) होता है, उसका “वजन” मिठाई के वजन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।✖️
1️⃣ असली गलती क्या है ?
यानी जब आप मिठाई “खरीद” रहे होते हैं, तो “दुकानदार” से यह सुनिश्चित करें कि वह केवल मिठाई का वजन तौले, “डिब्बे” का वजन नहीं।
2️⃣ कानून क्या कहता है ?
“मिठाई” के वजन में डिब्बा जोड़ना “उपभोक्ता” के साथ छलावा है और यह “गैर-कानूनी” है।
सरकार ने इस बात को लेकर कड़े “नियम” बनाए हैं कि मिठाई के डिब्बे समेत वजन करना “माप विज्ञान ” अधिनियम “2009” की “धारा ” (12) और “धारा” (30 ) का उल्लंघन माना जाता है।
3️⃣ 🤔दुकानदार पर क्या कार्यवाही होगी ?
ऐसा करने पर दुकानदार पर “50,000” रुपये तक का “जुर्माना” भी लग सकता है।
इसी वजह से “ग्राहकों” को सलाह दी जाती है कि मिठाई खरीदते समय “दुकानदार” की इस गलती पर तुरंत आपत्ति जताएं,
4️⃣ 🤔आपको क्या करना चाहिए ?
और यदि आवश्यकता हो तो “राष्ट्रीय उपभोक्ता” हेल्पलाइन “नंबर” 1800 11 4000 पर शिकायत करें।
इस नियम का “उद्देश्य” ग्राहकों को गलत वज़न और “मुनाफाखोरी” से बचाना है ताकि वे वास्तविक और उचित वजन की मिठाई खरीद सकें।

“त्योहारों” के दौरान इस बात की “विशेष जागरूकता अभियान” भी चलाए जाते हैं ताकि “मिठाई” विक्रेता गलत तरीके से “डिब्बे” का वजन मिठाई में न जोड़ें।
उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे हमेशा अपना अधिकार जानें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर तुरन्त सक्रिय होकर शिकायत करें।
निष्कर्ष:-
इस तरह से मिठाई खरीदारी निष्पक्ष और भरोसेमंद बनी रहेगी और ग्राहक सही मूल्य पर सही मात्रा प्राप्त करेंगे।


